ब्रेकिंग
शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की सौगात, महापौर ने किया भूमिपूजन उत्तर भारत प्राकृतिक अध्ययन हाईक के लिए दुर्ग से 5 सदस्यीय स्काउटर-गाइडर दल रवाना छत्तीसगढ राज्य की अन्य पिछ़ड़ा वर्ग की केन्द्रीय सूची में अहीर‘‘ के उपरांत ‘‘ रावत‘‘ एवं अंग्रे... जमीन सौदे में बड़ा फर्जीवाड़ा, 25 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में दो पर FIR विकास कार्यों की सौगात: महापौर ने तीन वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों का किया भूमिप... अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में ISIS नेटवर्क का भंडाफोड़, बच्चों को ब्रेनवॉश कर आतंकी गतिविधियों की ओर धकेलने का खुलासा

रायपुर | छत्तीसगढ़ में ISIS से जुड़े पाकिस्तानी मॉड्यूल की खतरनाक साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। एटीएस ने दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र से चार और नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इससे पहले रायपुर और भिलाई से भी दो किशोर पकड़े जा चुके थे।

जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल इंटरनेट मीडिया के जरिए बच्चों को ब्रेनवॉश कर आतंकी गतिविधियों की ओर धकेल रहा था। किशोरों को AI-जनरेटेड फेक वीडियो, कट्टरपंथी सामग्री और झूठे धार्मिक किस्सों के जरिए गुमराह किया जा रहा था।

पकड़े गए दो मुस्लिम किशोरों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। मॉड्यूल संचालकों ने उन्हें यह यकीन दिलाया कि उनका जन्म “मजहब की रक्षा” के लिए हुआ है। धीरे-धीरे उनके मन में अन्य समुदायों के प्रति नफरत और हिंसा भरी गई।

एटीएस को उनके लैपटॉप से कई वीडियो मिले, जिनमें गैर-इस्लामिक देशों में मुस्लिमों पर अत्याचार का फर्जी चित्रण किया गया था। ISIS की हत्याओं को “जायज़ बदला” बताकर उन्हें उसी राह पर चलने के लिए उकसाया जा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि इन किशोरों ने पिछले 4–5 वर्षों में 100 से अधिक लोगों को अपने नेटवर्क में जोड़ा। वे इंस्टाग्राम और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर फेक आईडी के जरिए हिंसक और कट्टरपंथी कंटेंट साझा कर रहे थे। परिवारों ने बताया कि बच्चों का व्यवहार अत्यधिक उग्र हो गया था और वे समाज के लोगों को अपना दुश्मन मानने लगे थे।

एटीएस अधिकारियों ने कहा कि यह देश का बेहद दुर्लभ और गंभीर मामला है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में किशोरों को आतंकी सोच की ओर मोड़ने की कोशिश की गई। फोरेंसिक टीम बच्चों द्वारा डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी में जुटी हुई है।

यह मामला सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा और निगरानी अत्यंत जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button